एक्ठो रहें बड़े ओहदे वाले बड़का ब्लॉगर.. सो डिस्केशन डिस्केशन में उनका डिलेवर भी ब्लॉग-श्लॉग लिख लेने लगा रहा । उनकी काम वाली बाई भी कुछ कविताई की बेहयाई कर लेती रही, सो वहू ब्लॉगर को पकड़ लिहिस । उनका नौकर भी कहीं से कुछ टीप...
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| Nov 14 | - | तो.. आज लग जाये एक शर्त ? |
| Nov 5 | - | तीन अलग कवि ..तीन अलग कविताएं ....तीन अलग सोच ....... |
| Oct 25 | - | मेरा 10 दिन का लीव एप्लिकेशन |
डा. अमर 's favorite blog entries: |
| Jul 29 | - | भईया, तनि हमारौ एकु फोटू चीन्ह देयो |
| Jul 23 | - | चाहे जान भले ही जाये ट्रेंरें रें... रें |
| Jul 22 | - | पता नहीं क्यों ? |
| Jul 22 | - | पता नहीं क्यों ? |
| Jul 9 | - | जिन्दगी की रेल कोई पास कोई फेल |
| Jul 7 | - | हाहा ही ही.. बजट्ट अली बजट्ट अली, हो बजट्ट अली |
| Jul 5 | - | हाँ, बात डाक्टर्स डे की हो रही है |
| Jul 1 | - | काल-कलौटी.. |
| Jun 22 | - | Amar Kumar has sent you a cold drink |
| Jun 14 | - | विस्मृत बिस्मिल और ब्लागर च तनवीर |
| Jun 6 | - | बच्चा बच्चा... बूढ़ा बूढ़ा... हाल तुम्हारा जाने है |
| Jun 2 | - | लै भाई, मन्नैं बी इक पहेल्ली पूछ लैण दे । |
| May 27 | - | नँगे सच में नहायी बहना |
| May 26 | - | आज बड़े खुश लग रहे हो ? |
| May 20 | - | विरोध का यह तरीका, न जाने क्यों परिभाषित न हो सका |
| May 18 | - | जीवनदास को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये |
| May 15 | - | He is obselete, who is he ? |
| May 12 | - | अक्षरश: |
| May 7 | - | अप्रासँगिक स्वगत कथन |
| May 7 | - | आख़िरी ज़रूरत – µ पोस्ट |
| May 4 | - | ..क्यों |
| May 3 | - | एक एक्कनम एक, दो दूनी चार, तीन तियाँ नौ.. .. |
| May 1 | - | अनटाइटिल्ड ! |
| Apr 28 | - | टिपेर तंत्र के अघोरी |
| Apr 23 | - | माफ़ करियेगा बीच मे कूद रहा हू. |
| Apr 22 | - | अमारा मौसी का बेटी |
| Apr 19 | - | हे पार्थ ! दो कप चाय पर.. लिखता रह तू ब्लाग |
| Apr 15 | - | कँघा आरक्षण के लिये ग़ँज़ों की गणना |
| Apr 15 | - | देसी मायने-ज़मेन्ट गुरु, आज किये खुलासा |
| Apr 12 | - | ऎई , आज फिर निट्ठल्ले पर हो क्या ? |
| Apr 11 | - | मत मानो मेरा मत, पर यह मत कहना कि मत नहीं दिया था |
| Apr 7 | - | एक शाम अपने कुकूर जी के नाम |
| Apr 7 | - | एक शाम अपने कुकूर जी के नाम A / U |
| Apr 5 | - | मेरे राहत का सबब है, मेरा पाकिस्तान |
| Apr 4 | - | यह आख़िरी बार बताता, तुमकूँ |
| Apr 2 | - | चेक हो रिया है |
| Apr 1 | - | अनूप जी लताड़े गये – बिहार की जनता को राहत |
| Mar 31 | - | जाते थे वनगमन को, हेरन लागे जुगाड़ |
| Mar 15 | - | नतीज़ा रहा सिफ़र ? |
| Mar 3 | - | सीजन टू के लिए.. |
| Mar 3 | - | एक खूबसूरत ख्याल |
| Feb 17 | - | जैसा देश वैसा भेष |
| Feb 10 | - | डा. अनुराग के बचपन पर कराह उठा यह पचपन |
| Feb 4 | - | बिन बुलायी, एक अपूर्ण कविता |
| Feb 3 | - | क्षमा करें डा. मान्धाता |
| Jan 31 | - | ऎसी आज़ादी और कहाँ, आज़ाद ख़्याल विवेचन |
| Jan 19 | - | तुम पार नेट परमेश्वर तुम ही नेट पिता |
| Jan 15 | - | चला बाघ मंत्री बनने ! |
| Jan 13 | - | अथ क़ाफ़िर कथा |
| Jan 12 | - | इतना विशाल देश.. क्या अकेले मेरे बस में ? |
| Jan 8 | - | अपनी उनके संग सुरक्षित ड्राइविंग … … |
| Jan 5 | - | भाई साहब, हैप्पी नियू ईयर टू यू ! |
| Jan 3 | - | पहली डिज़िटल घड़ी |
| Dec 31 | - | तू क्या कर रहा है, बे ? |
| Dec 12 | - | ये अन्डरस्टैंडिंग है और वो सियासत थी |
| Dec 8 | - | चैट्क्क.. डोन्ट वरी फ़ॅऽर इट, अंकल ! |
| Dec 7 | - | सनद रहे कि यह नकल है.. |
| Dec 5 | - | ऎ वतन के सज़ीले नौज़वानों... |
| Dec 2 | - | कौन है यह, जाकिर-उर-रहमान उर्फ चाचा ? |
| Dec 1 | - | ब्लागिंग विदाउट परपज़ ! |
| Nov 23 | - | घी के लड्डू, टेढ़े ही सही ... |
| Nov 22 | - | लो जी, मैं सुधर गया.. |
| Nov 21 | - | ज़वाब कोई ज़रूरी तो नहीं, फिर भी ? |
| Nov 15 | - | अमर कुमार का ई-कचरा |
| Nov 14 | - | 亜 … ये लोग बम क्यों फुटाते हैं ? |
| Nov 5 | - | बिग बी अपने कबीले के हैं…. क्या सच्ची में ? |
| Nov 2 | - | हे भगवान, तो यह सब तूने किया ! |
| Oct 31 | - | फ़ौरी तौर पर…. |
| Oct 21 | - | अभी टैम नहीं है, शिव भाई ! |
| Oct 18 | - | फ़ुटकर सोच की गुरुअई |
| Oct 18 | - | PD की एक ताज़ा पोस्ट पर … |
| Oct 16 | - | आज एक माइक्रो चमरई हो जाय |
| Oct 9 | - | साहब तनि ई फरमवा भरवा दिजीए |
| Oct 7 | - | नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः मीमांसा |
| Oct 5 | - | तू चल... मैं जन्मजन्मांतर का पाप काट कर आता हूँ, |
| Sep 27 | - | रानी रूठेगी… अपना सुहाग लेगी |
| Sep 11 | - | असली…. “ और भी काम हैं ज़माने में “ |
| Sep 7 | - | शब्दों की तलाश में निकली एक प्राणहीन पोस्ट |
| Aug 28 | - | अहो… तो आज टिप्पणिये बंद है ! |
| Aug 18 | - | मुझे इतना ज़लील भी न करो.. बेटों |
| Aug 3 | - | आप गायब कहाँ हो गये थे |
| Jul 24 | - | पर ऎसा भी क्या हो गया…कि , |
| Jul 21 | - | शिव को कैसे मनाऊँ रे….शिव मानत नाहिं ऽ |
| Jul 19 | - | ब्लागजगत में टिप्पणियों का भविष्य – एक सार्थक पेशकश |
| Jul 5 | - | इसका शीर्षक क्या हो सकता है , ? |
| Jul 1 | - | आओ , आज जरा डाक्टरों की खबर ली जाये ! |
| Jun 30 | - | आह, नारको रोको... रोको ना... ये नारको |
| Jun 26 | - | सचिन के सैकड़े |
| Jun 26 | - | अनुशासन ही देश को महान बनाता है ? |
| Jun 23 | - | कैसे कैसों को दिया है, मेरी ब्लगिया हिट करा दे .. |
| Jun 21 | - | यह दिल क्यों माँगे मोर ? |
| Jun 20 | - | क्यों .. ... ? |
| Jun 14 | - | काहे भाई , काहे परेसान हो ? |
| Jun 13 | - | मैं किस कबीले से हूँ ? |
| May 28 | - | अबे , तुम खुश तो हुये नऊये ? |
| May 26 | - | लो सुनो भाई, राजा और नउआ का किस्सा |
| May 25 | - | राजा और नऊआ का किस्सा |
| May 24 | - | पर मैं यह सब लिख क्यों रहा हूँ ? |
| May 15 | - | कोशिश करने वालों की हार नहीं होती |
| May 9 | - | मैं मोटा क्यों हूँ...मैं मोटा क्यूँ हूँ ? |
| May 9 | - | दुल्हन वही जो .... |
| May 8 | - | खौंखिया रहा ललमुँहा बानर, भला काहे ? |
| May 3 | - | ज़िन्दगी की ' चंगुल ' में कैद या कुछ और ? |
| May 3 | - | एक खुला चैलेंज ! |
| Apr 30 | - | अथ कथा शाह हनुमानुद्दीन |
| Apr 24 | - | ओऎ...ब्लगिया का सब्ब झस लेई गयो रे... |
| Apr 16 | - | एक मनगढ़ंत पोस्ट ! |
| Apr 12 | - | ई है बंबई नगरिया, तू देख बबुआ .. .. |
| Apr 8 | - | नंगे सच की माया |
| Apr 7 | - | यह करूँ या वह ? क्या सही है, क्या ग़लत ? |
| Apr 7 | - | यह करूँ या वह ? |
| Apr 5 | - | मेरी खुपड़िया में लागा....चोर |
| Mar 29 | - | फिर छिड़ी यार...बात ऽ ऽ मूँछों की ..ऽ ...ऽ |
| Mar 22 | - | चलो, इसी बहाने .. .. |
| Mar 20 | - | जाके गंदे नाले में तू मुँह धोके आ |
| Mar 16 | - | आज कंमेंटियाने की ज़िद ना करो... |
| Mar 13 | - | जात न पूछ साधो की |
| Mar 13 | - | माई HTML तज़ुर्बे |
| Mar 2 | - | यह कैसा रिवाज़ |
| Feb 23 | - | यह डाक्टर ?.. .. .. वाह रे डाक्टर ! |
| Feb 22 | - | ये डाक्टर .. .. .. वाह डाक्टर ? |
| Feb 19 | - | केवल मस्केबाजों के लिये |
| Feb 14 | - | हमार वैलेन्टाइन उर्फ हमरी पंडिताइन |
| Feb 12 | - | य़े कैसा दीवानापन है.... |
| Feb 8 | - | ग़ुस्ताख़ी माफ़ ....Ph.D. मेरे नसीब में कहाँ |
| Jan 26 | - | ये डाक्टर... वाह, डाक्टर ! |
| Jan 24 | - | ऎ मेरे दिल कहीं और चल... |
| Jan 17 | - | लगी लखटकिया पर मेरी टकटकी |
| Jan 9 | - | लोलल्लाँगूलपातेन मारुतः ममराऽतीन निपातय |
| Jan 7 | - | गरीब मुल्क के अमीर पालनहार |
| Jan 5 | - | जाने कहाँ हैं , अपने लालू ? |
| Jan 5 | - | ऎई क्या बोलता तू... |
| Jan 3 | - | हें..हें...हेंहें, अजी मैनें कहा.... |
| Jan 2 | - | तो आज यही सही - दो |
| Dec 31 | - | तो आज यही सही - एक |
| Dec 28 | - | मेरी पड़ोसन. . . बेनज़ीर ! |
| Dec 26 | - | उस अनाम रेलवई वाले को धन्यवाद ! |
| Dec 24 | - | हे , डोल्ला रे, डोला रे....डोला... |
| Dec 23 | - | रुकावट के लिये खेद है.....तो हुआ करे ! |
| Dec 15 | - | रुकावट के लिये खेद है... |
| Dec 4 | - | मोची बनाम सुनार |
| Dec 2 | - | तसलीमा आपा का सच - नेंई किछू नेंई |
| Dec 1 | - | अथ मनुष्य योनिः |
| Dec 1 | - | काले दिनों की उजास |
| Nov 24 | - | कभी कभी मेरे दिल में यह ख्याल आता है.... |
| Nov 11 | - | तो बोलोगे कि बोलता है..... |
| Nov 3 | - | क्या आप बतायेंगे, आपके दफ़्तर में कितने गंज़े हैं ? |
| Oct 24 | - | देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान..... |
| Sep 25 | - | गणपति बप्पा मोरया , .......तू ज़ल्दी आ |
| Sep 17 | - | कुछ तो है..जो कि ! |
| Aug 23 | - | आखिरकार यह सब तो चलता ही है ! |