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आप डा० अमर के पन्नों पर हैं !

Homeमेरे बारे मेंMay 10, 2008
एक उनींदे शहर के चिकित्सक को आकाश का जितना टुकड़ा दिखता है, उसीके कुछ शेड तलब ही मौज़ूद होने का सबब है ।

Blog Entryकुछ चुनींदा आयातित आलेखJan 12, 2010
एक्ठो रहें बड़े ओहदे वाले बड़का ब्लॉगर.. सो डिस्केशन डिस्केशन में उनका डिलेवर भी ब्लॉग-श्लॉग लिख लेने लगा रहा । उनकी काम वाली बाई भी कुछ कविताई की बेहयाई कर लेती रही, सो  वहू  ब्लॉगर को पकड़ लिहिस । उनका नौकर भी कहीं से कुछ टीप... more
Previous blog entries:
Nov 14-तो.. आज लग जाये एक शर्त ?
Nov 5-तीन अलग कवि ..तीन अलग कविताएं ....तीन अलग सोच .......
Oct 25-मेरा 10 दिन का लीव एप्लिकेशन
डा. अमर 's favorite blog entries:
Jul 29-भईया, तनि हमारौ एकु फोटू चीन्ह देयो
Jul 23-चाहे जान भले ही जाये ट्रेंरें रें... रें
Jul 22-पता नहीं क्यों ?
Jul 22-पता नहीं क्यों ?
Jul 9-जिन्दगी की रेल कोई पास कोई फेल
Jul 7-हाहा ही ही.. बजट्ट अली बजट्ट अली, हो बजट्ट अली
Jul 5-हाँ, बात डाक्टर्स डे की हो रही है
Jul 1-काल-कलौटी..
Jun 22-Amar Kumar has sent you a cold drink
Jun 14-विस्मृत बिस्मिल और ब्लागर च तनवीर
Jun 6-बच्चा बच्चा... बूढ़ा बूढ़ा... हाल तुम्हारा जाने है
Jun 2-लै भाई, मन्नैं बी इक पहेल्ली पूछ लैण दे ।
May 27-नँगे सच में नहायी बहना
May 26-आज बड़े खुश लग रहे हो ?
May 20-विरोध का यह तरीका, न जाने क्यों परिभाषित न हो सका
May 18-जीवनदास को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये
May 15-He is obselete, who is he ?
May 12-अक्षरश:
May 7-अप्रासँगिक स्वगत कथन
May 7-आख़िरी ज़रूरत – µ पोस्ट
May 4-..क्यों
May 3-एक एक्कनम एक, दो दूनी चार, तीन तियाँ नौ.. ..
May 1-अनटाइटिल्ड !
Apr 28-टिपेर तंत्र के अघोरी
Apr 23-माफ़ करियेगा बीच मे कूद रहा हू.
Apr 22-अमारा मौसी का बेटी
Apr 19-हे पार्थ ! दो कप चाय पर.. लिखता रह तू ब्लाग
Apr 15-कँघा आरक्षण के लिये ग़ँज़ों की गणना
Apr 15-देसी मायने-ज़मेन्ट गुरु, आज किये खुलासा
Apr 12-ऎई , आज फिर निट्ठल्ले पर हो क्या ?
Apr 11-मत मानो मेरा मत, पर यह मत कहना कि मत नहीं दिया था
Apr 7-एक शाम अपने कुकूर जी के नाम
Apr 7-एक शाम अपने कुकूर जी के नाम A / U
Apr 5-मेरे राहत का सबब है, मेरा पाकिस्तान
Apr 4-यह आख़िरी बार बताता, तुमकूँ
Apr 2-चेक हो रिया है
Apr 1-अनूप जी लताड़े गये – बिहार की जनता को राहत
Mar 31-जाते थे वनगमन को, हेरन लागे जुगाड़
Mar 15-नतीज़ा रहा सिफ़र ?
Mar 3-सीजन टू के लिए..
Mar 3-एक खूबसूरत ख्याल
Feb 17-जैसा देश वैसा भेष
Feb 10-डा. अनुराग के बचपन पर कराह उठा यह पचपन
Feb 4-बिन बुलायी, एक अपूर्ण कविता
Feb 3-क्षमा करें डा. मान्धाता
Jan 31-ऎसी आज़ादी और कहाँ, आज़ाद ख़्याल विवेचन
Jan 19-तुम पार नेट परमेश्वर तुम ही नेट पिता
Jan 15-चला बाघ मंत्री बनने !
Jan 13-अथ क़ाफ़िर कथा
Jan 12-इतना विशाल देश.. क्या अकेले मेरे बस में ?
Jan 8-अपनी उनके संग सुरक्षित ड्राइविंग … …
Jan 5-भाई साहब, हैप्पी नियू ईयर टू यू !
Jan 3-पहली डिज़िटल घड़ी
Dec 31-तू क्या कर रहा है, बे ?
Dec 12-ये अन्डरस्टैंडिंग है और वो सियासत थी
Dec 8-चैट्क्क.. डोन्ट वरी फ़ॅऽर इट, अंकल !
Dec 7-सनद रहे कि यह नकल है..
Dec 5-ऎ वतन के सज़ीले नौज़वानों...
Dec 2-कौन है यह, जाकिर-उर-रहमान उर्फ चाचा ?
Dec 1-ब्लागिंग विदाउट परपज़ !
Nov 23-घी के लड्डू, टेढ़े ही सही ...
Nov 22-लो जी, मैं सुधर गया..
Nov 21-ज़वाब कोई ज़रूरी तो नहीं, फिर भी ?
Nov 15-अमर कुमार का ई-कचरा
Nov 14-亜 … ये लोग बम क्यों फुटाते हैं ?
Nov 5-बिग बी अपने कबीले के हैं…. क्या सच्ची में ?
Nov 2-हे भगवान, तो यह सब तूने किया !
Oct 31-फ़ौरी तौर पर….
Oct 21-अभी टैम नहीं है, शिव भाई !
Oct 18-फ़ुटकर सोच की गुरुअई
Oct 18-PD की एक ताज़ा पोस्ट पर …
Oct 16-आज एक माइक्रो चमरई हो जाय
Oct 9-साहब तनि ई फरमवा भरवा दिजीए
Oct 7-नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः मीमांसा
Oct 5-तू चल... मैं जन्मजन्मांतर का पाप काट कर आता हूँ,
Sep 27-रानी रूठेगी… अपना सुहाग लेगी
Sep 11-असली…. “ और भी काम हैं ज़माने में “
Sep 7-शब्दों की तलाश में निकली एक प्राणहीन पोस्ट
Aug 28-अहो… तो आज टिप्पणिये बंद है !
Aug 18-मुझे इतना ज़लील भी न करो.. बेटों
Aug 3-आप गायब कहाँ हो गये थे
Jul 24-पर ऎसा भी क्या हो गया…कि ,
Jul 21-शिव को कैसे मनाऊँ रे….शिव मानत नाहिं ऽ
Jul 19-ब्लागजगत में टिप्पणियों का भविष्य – एक सार्थक पेशकश
Jul 5-इसका शीर्षक क्या हो सकता है , ?
Jul 1-आओ , आज जरा डाक्टरों की खबर ली जाये !
Jun 30-आह, नारको रोको... रोको ना... ये नारको
Jun 26-सचिन के सैकड़े
Jun 26-अनुशासन ही देश को महान बनाता है ?
Jun 23-कैसे कैसों को दिया है, मेरी ब्लगिया हिट करा दे ..
Jun 21-यह दिल क्यों माँगे मोर ?
Jun 20-क्यों .. ... ?
Jun 14-काहे भाई , काहे परेसान हो ?
Jun 13-मैं किस कबीले से हूँ ?
May 28-अबे , तुम खुश तो हुये नऊये ?
May 26-लो सुनो भाई, राजा और नउआ का किस्सा
May 25-राजा और नऊआ का किस्सा
May 24-पर मैं यह सब लिख क्यों रहा हूँ ?
May 15-कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
May 9-मैं मोटा क्यों हूँ...मैं मोटा क्यूँ हूँ ?
May 9-दुल्हन वही जो ....
May 8-खौंखिया रहा ललमुँहा बानर, भला काहे ?
May 3-ज़िन्दगी की ' चंगुल ' में कैद या कुछ और ?
May 3-एक खुला चैलेंज !
Apr 30-अथ कथा शाह हनुमानुद्दीन
Apr 24-ओऎ...ब्लगिया का सब्ब झस लेई गयो रे...
Apr 16-एक मनगढ़ंत पोस्ट !
Apr 12-ई है बंबई नगरिया, तू देख बबुआ .. ..
Apr 8-नंगे सच की माया
Apr 7-यह करूँ या वह ? क्या सही है, क्या ग़लत ?
Apr 7-यह करूँ या वह ?
Apr 5-मेरी खुपड़िया में लागा....चोर
Mar 29-फिर छिड़ी यार...बात ऽ ऽ मूँछों की ..ऽ ...ऽ
Mar 22-चलो, इसी बहाने .. ..
Mar 20-जाके गंदे नाले में तू मुँह धोके आ
Mar 16-आज कंमेंटियाने की ज़िद ना करो...
Mar 13-जात न पूछ साधो की
Mar 13-माई HTML तज़ुर्बे
Mar 2-यह कैसा रिवाज़
Feb 23-यह डाक्टर ?.. .. .. वाह रे डाक्टर !
Feb 22-ये डाक्टर .. .. .. वाह डाक्टर ?
Feb 19-केवल मस्केबाजों के लिये
Feb 14-हमार वैलेन्टाइन उर्फ हमरी पंडिताइन
Feb 12-य़े कैसा दीवानापन है....
Feb 8-ग़ुस्ताख़ी माफ़ ....Ph.D. मेरे नसीब में कहाँ
Jan 26-ये डाक्टर... वाह, डाक्टर !
Jan 24-ऎ मेरे दिल कहीं और चल...
Jan 17-लगी लखटकिया पर मेरी टकटकी
Jan 9-लोलल्लाँगूलपातेन मारुतः ममराऽतीन निपातय
Jan 7-गरीब मुल्क के अमीर पालनहार
Jan 5-जाने कहाँ हैं , अपने लालू ?
Jan 5-ऎई क्या बोलता तू...
Jan 3-हें..हें...हेंहें, अजी मैनें कहा....
Jan 2-तो आज यही सही - दो
Dec 31-तो आज यही सही - एक
Dec 28-मेरी पड़ोसन. . . बेनज़ीर !
Dec 26-उस अनाम रेलवई वाले को धन्यवाद !
Dec 24-हे , डोल्ला रे, डोला रे....डोला...
Dec 23-रुकावट के लिये खेद है.....तो हुआ करे !
Dec 15-रुकावट के लिये खेद है...
Dec 4-मोची बनाम सुनार
Dec 2-तसलीमा आपा का सच - नेंई किछू नेंई
Dec 1-अथ मनुष्य योनिः
Dec 1-काले दिनों की उजास
Nov 24-कभी कभी मेरे दिल में यह ख्याल आता है....
Nov 11-तो बोलोगे कि बोलता है.....
Nov 3-क्या आप बतायेंगे, आपके दफ़्तर में कितने गंज़े हैं ?
Oct 24-देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान.....
Sep 25-गणपति बप्पा मोरया , .......तू ज़ल्दी आ
Sep 17-कुछ तो है..जो कि !
Aug 23-आखिरकार यह सब तो चलता ही है !
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Musicराग-रँगAug 1, 2009

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डा. अमर कुमार